जिले में स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) का सुरक्षित संग्रहण, पुनर्चक्रण और निपटान के लिए ई-वेस्ट संग्रहण अभियान का शुभारम्भ किया गया। रिया डाबी मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद उदयपुर ने जिला परिषद से ई-वेस्ट वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्रीमती डाबी ने बताया कि इनोवेटिव गवर्नेंस रिफॉर्म्स फेडरेशन (आईजीआरएफ) की सहभागिता से पहले चरण में जिले की पांच पंचायत समितियों- गिर्वा, मावली, कुराबड़, बड़गांव और वल्लभनगर क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में 31 अक्टूबर तक ई-वेस्ट संग्रहण किया जाएगा। संग्रहित किए गए ई-वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। आमजन को स्वच्छता बनाए रखने और सफाई में सहयोग करने और अपशिष्ट प्रबंधन के तरीकों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
’गांवों में ई-वेस्ट कलेक्शन सेंटर स्थापित, दर्ज होगा विवरण, मिलेगी रसीद-’
अभियान के तहत उदयपुर जिले की गिर्वा, मावली, कुराबड़, बड़गांव और वल्लभनगर क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में ई वेस्ट कलेक्शन सेंटर स्थापित किए गए हैं। यहां पुराने मोबाइल, लैपटॉप, चार्जर, कंप्यूटर, फ्रिज, की-बोर्ड, एलईडी, ट्यूबलाइट्स जैसे इलेक्ट्रॉनिक कबाड़ को एकत्रित किया जाएगा। ई वेस्ट संग्रहण वाहन के माध्यम से घर-घर जाकर भी ई-वेस्ट एकत्रित किया जाएगा। रजिस्टर का संधारण किया जाएगा, जिसमें ई वेस्ट जमा करवाने वालों को रसीद दी जाएगी। संग्रहित ई-वेस्ट प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से अधिकृत केंद्र पर निस्तारित किया जाएगा।
’राज्य में उदयपुर से शुरुआत, एक माह बाद बढ़ेगा दायरा‘-
इनोवेटिव गवर्नेंस रिफॉर्म्स फेडरेशन (आईजीआरएफ) के निदेशक डॉ. विजय व्यास ने इस अभियान को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अभिनव पहल बताते हुए ई-वेस्ट से मानव स्वास्थ्य और प्रकृति पर होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में पहली बार उदयपुर से ई-वेस्ट कलेक्शन का अभियान पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। एक माह बाद समीक्षा की जाएगी और अभियान का दायरा बढ़ाया जाएगा। इससे पहले अभियान का पोस्टर विमोचन किया गया और ई-वेस्ट को विशेष पात्रों में डालकर साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
’घर बैठे करवा सकते हैं ई-वेस्ट जमा-’
जिला परिषद उदयपुर की ओर से नवाचार के रूप में “स्वच्छ ढाणी ऐप“ विकसित किया गया है। ऐप में सफाई से संबंधित समस्याओं को दर्ज करवा सकते हैं अब इसमें ई-वेस्ट की शिकायत का विकल्प भी जोड़ दिया गया है। ग्रामीण क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं और शिकायत को ट्रैक भी कर सकते हैं। सात दिन में शिकायत का निस्तारण संबंधित ग्राम विकास अधिकारी द्वारा किया जाएगा। पंचायत समिति मुख्यालय पर विकास अधिकारी और जिला स्तर पर जिला परिषद सीईओ स्वच्छ ढाणी एप के डैशबोर्ड की निगरानी करते हैं।
Udaipur
उदयपुर में ई-वेस्ट संग्रहण का पायलट प्रोजेक्ट शुरू, घर बैठे होगा ई-कचरे का निस्तारण’
पांच ब्लॉकों में गांव-गांव जाकर करेंगे ई-वेस्ट संग्रहण, 31 अक्टूबर तक अभियान’
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