उदयपुर | गुरु नानक स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय, उदयपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के विशेष शिविर का शुभारंभ नशा मुक्ति अभियान के साथ किया गया। शिविर के प्रथम दिवस के प्रथम सत्र में “नशा एक साइलेंट किलर, भावी पीढ़ी प्रभावित” विषय पर जागरूकता व्याख्यान आयोजित हुआ।
इस अवसर पर जल संरक्षण एवं नशा मुक्ति अभियान से जुड़े डॉ. पी.सी. जैन ने नशा मुक्ति संग्राम अभियान के अंतर्गत एनएसएस की छात्राओं को संबोधित किया। छात्राओं ने विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित नशे से संबंधित समाचारों का वाचन किया तथा समाज के प्रत्येक वर्ग से नशा मुक्ति अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
डॉ. जैन ने अपने वक्तव्य में पान मसाले के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसमें लगभग 80 प्रतिशत सुपारी होती है, जो तंबाकू के साथ मिलकर मुंह, गला एवं पेट के कैंसर का कारण बन सकती है। इसका प्रभाव धीरे-धीरे साइलेंट किलर के रूप में सामने आता है। उन्होंने स्क्रीन टाइम की लत को भी नशे का एक रूप बताते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान मोबाइल एवं लैपटॉप के अत्यधिक उपयोग से जन्म लेने वाले बच्चों में सीखने की क्षमता कमजोर, गणित में कठिनाई एवं हाइपरएक्टिव व्यवहार जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं।
डॉ. जैन ने अपने प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्त्री एवं पुरुष पर शराब, अफीम, गांजा, तंबाकू एवं ड्रग्स के तुलनात्मक प्रभाव को स्पष्ट करते हुए बताया कि महिलाओं पर नशे का प्रभाव उनकी शारीरिक संरचना के कारण अधिक घातक होता है। उन्होंने यह भी बताया कि सिगरेट पीने वाली मां के दूध में निकोटिन पहुंच जाता है, जिससे बच्चों में भविष्य में तंबाकू की लत पड़ने की संभावना बढ़ जाती है।
प्रथम दिवस के द्वितीय सत्र में छात्राओं द्वारा “सड़क पर मौत” नामक नाटिका का प्रभावशाली मंचन किया गया, जिसमें शराब के नशे के कारण एक परिवार के इकलौते बेटे की मृत्यु से उपजे दर्द को दर्शाया गया। नाटिका के माध्यम से संदेश दिया गया कि नशे के कारण किसी मां का बेटा, किसी बहन का भाई अथवा किसी पत्नी का पति असमय मृत्यु का शिकार न बने।
एनएसएस कैडेट्स ने “नशा न करने” तथा “नशा एक रोग है और इसका इलाज संभव है” के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम प्रभारी डॉ. अनीता पालीवाल ने डॉ. पी.सी. जैन का परिचय देते हुए कहा कि महाविद्यालय की छात्राएं सदैव नशा मुक्ति अभियान से जुड़ी रहेंगी। इस अवसर पर नशा मुक्ति नारे एवं नृत्य-गीत की भी प्रस्तुति दी गई।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अनिल कोठारी ने डॉ. पी.सी. जैन का स्वागत करते हुए नशा मुक्ति अभियान में गुरु नानक गर्ल्स पी.जी. कॉलेज के सतत सहयोग का संकल्प व्यक्त किया।
नाटिका में चार्वी धारवाल, महिमा स्वर्णकार, किंजल जांगिड़, याशिका शर्मा, विधि बनियारा,कृतिका जोशी एवं तनिशा पटेल ने अभिनय किया। कार्यक्रम के अंत में व्याख्याताओं एवं छात्राओं द्वारा नशा मुक्ति अभियान की शपथ ली गई। धन्यवाद ज्ञापन स्वयंसेविका छवि चौधरी द्वारा प्रस्तुत किया गया।