उदयपुर। राष्ट्रीय पशुधन मिशन उत्थान विकास कार्यक्रम के अंतर्गत उदयपुर स्थित सरकारी पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान में एक दिवसीय मंडल स्तरीय पशुपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
संयुक्त निदेशक डॉ. सुरेंद्र छंगाणी ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उदयपुर शहर के विधायक ताराचंद जैन रहे। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त निदेशक डॉ. लक्ष्मीनारायण मीना ने की और विशेष अतिथि संयुक्त निदेशक डॉ. सुरेश जैन थे। डॉ. छंगाणी ने कहा कि उत्थान विकास योजना दक्षिण राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों में पशुपालकों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।
विधायक जैन ने अपने संबोधन में कहा कि पशुपालकों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए। उन्हें पारंपरिक तरीकों के बजाय नवीनतम तकनीक को अपनाकर आत्मनिर्भर बनना चाहिए। उत्थान विकास योजना के माध्यम से, पशुपालक किसान अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान राशि का लाभ उठा सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी की किसान और पशुपालक हितैषी योजनाएं किसानों की आय दोगुनी करने के अभियान को मजबूती से आगे बढ़ा रही हैं। जैन ने कहा कि पीएम मोदी ने राजस्थान के आठ अत्यंत पिछड़े जिलों के किसानों से बातचीत की है, जहां उपज बहुत कम है, और इन क्षेत्रों के लिए कृषि और पशुपालन के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएंगी।
प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. ओमप्रकाश साहू ने बताया कि मंडल के 7 जिलों के 56 प्रगतिशील पशुपालकों को प्रशिक्षित किया गया। इस अवसर पर विधायक श्री ताराचंद जैन ने उत्थान विकास कार्यक्रम की मार्गदर्शिका पुस्तिका का विमोचन किया। इस पुस्तिका में योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई है। तकनीकी सत्र समन्वयक डॉ. पद्मा मील ने बताया कि राज्य स्तरीय प्रशिक्षित मास्टर प्रशिक्षकों डॉ. राजकिशोर बंसल, डॉ. केदार वैष्णव, डॉ. मुकेश नागौरी और डॉ. पद्मा मील ने विभिन्न सत्रों में आवेदन प्रक्रिया, योजना के अंतर्गत अनुदानों की पूरी जानकारी, योजना के विभिन्न घटकों, भेड़/बकरी पालन, सुअर पालन, मुर्गी पालन, घोड़ा पालन, गधा पालन, ऊंट पालन और हरे चारे के विकास, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने, वित्त और बैंकिंग विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
जिला लीड बैंक अधिकारी श्री संजय गुप्ता ने ऋण और बैंकिंग प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्रदान की, और नाबार्ड उदयपुर के उप प्रधान मंत्री नीरज यादव ने नाबार्ड द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। अंतिम सत्र में प्रश्नोत्तर, समूह चर्चा, केस स्टडी और सफल उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित करने के बाद कार्यशाला का समापन हुआ।
Udaipur
विकास कार्यक्रम के अंतर्गत संभागीय स्तर पर पशुपालक किसानों के लिए प्रशिक्षण का आयोजन
पशुपालन के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा- विधायक जैन
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