उदयपुर। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के निर्देशानुसार महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय में अधीक्षक डॉ. आर. एल. सुमन के सान्निध्य में नेशनल प्लेज अगेंस्ट ड्रग अब्यूज के अंतर्गत राष्ट्रीय शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं प्रशासनिक स्टाफ ने नशे से दूर रहने तथा समाज में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में नशे एवं तम्बाकू के स्वास्थ्य, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में बताया गया कि ग्रामीण परिवार अपनी आय का लगभग 4 प्रतिशत तम्बाकू/गुटखे पर, जबकि शिक्षा पर करीब 2.5 प्रतिशत खर्च कर रहे हैं जोकि चिंता का विषय है।

इसी चुनौती को देखते हुए नशा मुक्ति भारत अभियान की शुरुआत 15 अगस्त 2020 को की गई। वर्ष 2024-25 में सरकारी सहायता प्राप्त नशा मुक्ति केन्द्रों से 6.47 लाख से अधिक लोगों ने उपचार सेवाओं का लाभ लिया।

नशा मुक्ति के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 14446 नम्बर के बारे में भी जानकारी साझा की गई।इस अवसर पर डॉ. आर. एल. सुमन ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा और पूरे समाज के भविष्य को प्रभावित करता है।

यदि परिवार अपनी आय का एक हिस्सा भी नशे से हटाकर शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च करे तो इसका सीधा लाभ आने वाली पीढ़ी को मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विकसित और स्वस्थ युवा शक्ति आवश्यक है।

विकसित युवा, विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए अधिक से अधिक युवाओं को नशे से दूर रखना और उन्हें नशा मुक्ति के लिए प्रेरित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने मित्रों एवं परिवार के सदस्यों को भी नशा-मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

उन्होंने बताया कि महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय इस दिशा में स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से निरंतर अपनी भूमिका निभा रहा है।डाॅ सुमन ने बताया कि चिकित्सालय में भी तम्बाकू मुक्ति की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

अस्पताल के ओपीडी परिसर स्थित कमरा नम्ब्र 134 में टोबेको सेक्शन सेन्टर संचालित है, जहां तम्बाकू सेवन करने वाले मरीजों को तम्बाकू छोड़ने के लिए परामर्श एवं आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।

केन्द्र से अब तक 6 हजार 992 मरीज सेवाएं प्राप्त कर चुके हैं तथा लगभग 500 मरीजों को तम्बाकू सेवन छोड़ने में सफलता मिली है।

केन्द्र के माध्यम से मरीजों एवं उनके परिजनों को तम्बाकू से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर तम्बाकू-मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।