जिले में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत वर्तमान मतदाताओं की विगत एसआईआर मतदाता सूची के साथ मैपिंग जारी है। शनिवार को जिले के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ ने घर-घर पहुंचकर गणना प्रपत्र वितरित कर बीएलओ एप से मैपिंग कार्य किया। ईआरओ व एईआरओ भी फील्ड वेरिफिकेशन के लिए मतदाताओं के बीच पहुंचे। सभी ईआरओ ने बीएलओ मीटिंग लेकर गणना प्रपत्र वितरण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और जहां कमी नजर आई, वहां गति बढ़ाने के निर्देश दिए।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी दीपेन्द्र सिंह राठौड़ ने कुराबड़ के सालावास में गणना प्रपत्र वितरण कार्य का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मतदाताओं से संवाद कर फीडबैक लिया और एसआईआर के उद्देश्य और उपयोगिता की जानकारी दी। उन्होंने बीएलओ और सुपरवाइजर को मिशन मोड में मैपिंग कार्य करने के निर्देश दिए।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी राठौड़ ने बताया कि जिले के वे सभी मतदाता जिनका मिलान देश के किसी भी राज्य के विगत विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची के साथ हो जाता है तो उन्हें इस संपूर्ण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
यदि किसी का नाम विगत एसआईआर की मतदाता सूची में नहीं है और मतदाता के माता-पिता/दादा-दादी आदि का नाम शामिल है तो सटीक और सत्यापित पारिवारिक संबंध के माध्यम से मैपिंग की जा रही है। जिले में 68 प्रतिशत से अधिक मतदाता विगत विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मैप हो गए हैं। अभी यह और आंकड़ा बढ़ेगा। इन्हें इस संपूर्ण प्रक्रिया में केवल गणना प्रपत्र में सूचनाओं को भरना है एवं किसी भी प्रकार का कोई दस्तावेज नहीं देना है।
घर बैठे हो रही है मैपिंग-
बीएलओ प्रत्येक मतदाता के घर दो प्रति में गणना प्रपत्र लेकर आ रहे हैं। इस गणना प्रपत्र में कुछ हिस्सा पूर्व मुद्रित है जिसमें मतदाता की सामान्य जानकारी है जैसे नाम, ईपिक नंबर, पता, मतदाता सूची की क्रम संख्या, भाग संख्या एवं विधानसभा क्षेत्र, इसके अतिरिक्त इस गणना प्रपत्र में मतदाता की सामान्य जानकारी जैसे पिता अथवा अभिभावक का नाम, माता का नाम, मोबाइल नंबर जीवनसाथी की सूचना आदि भी भरे जाने हैं। इन सूचनाओं के अतिरिक्त मतदाता अगर विगत विशेष गहन पुनरीक्षण के समय की मतदाता सूची में शामिल था तो उन्हें उस समय की मतदाता सूची का क्रमांक, भाग संख्या, विधानसभा क्षेत्र, जिला आदि भरने हैं और अगर शामिल नहीं था तो अपने रिश्तेदार जैसे माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी में से जो भी उस समय मतदाता थे उनका विवरण भरकर गणना प्रपत्र बीएलओ को जमा करवाना है। इस प्रकार से गणना प्रपत्र में ही मैपिंग का विवरण भरा जाना है।
उन्होंने कहा कि हर योग्य मतदाता अपनी एक नवीनतम रंगीन फोटो एवं आवश्यक सूचनाओं के साथ भरा हुआ गणना प्रपत्र अपने बीएलओ को जमा करा कर स्वच्छ एवं सही मतदाता सूची निर्माण में अपना सहयोग प्रदान करें एवं लोकतंत्र के प्रति अपने कर्तव्य का पालन करें।
Udaipur
बहुत आसान है गणना प्रपत्र भरना, कोई दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं
’विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026’
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