उदयपुर। जल संसाधन मंत्री श्री सुरेशसिंह रावत ने सोमवार को उदयपुर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली।
बैठक में मंत्री श्री रावत ने संभाग की प्रमुख जल परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता को होकर विशेष निर्देश प्रदान किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर व्यक्ति को पेयजल और हर खेत में पानी पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। इसलिए अधिकारी इस संवेदनशील विषय में किसी भी प्रकार की कौताही नहीं बरते हुए प्रत्येक कार्य को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने पर फोकस करें।
मंत्री श्री रावत ने जाखम-जयसमंद-बड़गांव - मातृकुंडिया परियोजना के लिए तैयार की गई डीपीआर पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए सभी आवश्यक पूर्व तैयारियां समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना को हरी झण्डी मिलने पर उसकी क्रियान्विति त्वरित रूप से सुनिश्चित की जा सके। बैठक में देवास तृतीय एवं चतुर्थ चरण के अंतर्गत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने परियोजना क्षेत्र में आने वाले वन क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर गंभीरता से विचार-विमर्श करते हुए आवश्यक समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए, जिससे कार्यों की गति प्रभावित न हो। इसके अलावा, राजसमंद जिले में बगोलिया फीडर, खरीफ फीडर सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं तथा मुख्यमंत्री बजट घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति का भी विस्तार से आकलन किया गया। बैठक में जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता वीरेंद्र सिंह सागर सहित संभाग के सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।