नये श्रम कानूनों से उद्योग और व्यवसाय पर पडने वाले प्रभाव पर यूसीसीआई में परिचर्चात्मक सेमिनार का आयोजन
उदयपुर । “नये श्रम प्रावधानों के लागू होने से नियोक्ताओं के साथ-साथ कार्मिकों को भी लाभ होगा। सभी नियोक्ताओं से अनुरोध है वेतन के नए मानदंड के अनुसार सभी व्याप्ति योग्य कर्मचारियों का ईएसआईसी पंजीकरण एवं अनुपालन सुनिश्चित करें। नई श्रम संहिता दिनांक 21 नवम्बर 2025 से लागू हो चुकी है तथा इसी तिथि से अनुपालन करना अपेक्षित है। “
उपरोक्त जानकारी श्री दीपक चौरसिया ने यूसीसीआई में दी।
उदयपुर चेम्बर आॅफ काॅमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा यूसीसीआई भवन के पायरोटेक टेम्पसन्स सभागार में नये श्रम कानूनों से उद्योग और व्यवसाय पर पडने वाले प्रभाव विषय एक परिचर्चात्मक सेमिनार का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के आरम्भ में अध्यक्ष श्री मनीष गलुण्डिया ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लागू नये श्रम कानूनों के प्रावधानों के सम्बन्ध में उद्योग और व्यवसाय जगत को जागरुक करने के उद्देश्य से यूसीसीआई द्वारा परिचर्चात्मक सेमिनार का आयोजन रखा गया है। केन्द्र सरकार द्वारा लागू नये श्रम कानून उद्योग एवं व्यवसाय जगत तथा कार्मिकों के हित में हैं।
ई.एस.आई.सी. विभाग के संयुक्त निदेशक श्री दीपक चौरसिया ने पावर पाॅईन्ट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से नये श्रम कानूनों के लागू होने के उपरान्त ई.एस.आई.सी. में आये परिवर्तनों के बारे में निम्नानुसार जानकारी दी:
वेतन की नई परिभाषा: बेसिक, डीए और रिटेनिंग भत्ता सहित सभी पारिश्रमिक वेतन में शामिल होंगे। कुछ भत्ते वेतन से बाहर रहेंगे, पर उनकी सीमा कुल वेतन के 50 प्रतिशत तक होगी। इससे अधिक होने पर अतिरिक्त राशि वेतन में जोड़ी जाएगी। इन मानदंडों के अनुसार 21,000 रुपये तक वेतन वाले कर्मचारी ईएसआईसी के अंतर्गत आएंगे।
स्वैच्छिक व्याप्ति: अब 10 से कम कर्मचारियों वाले संस्थान भी स्वैच्छिक रूप से ईएसआईसी में शामिल हो सकेंगे।
हानिकारक अपशिष्ट उत्सर्जित करने वाली इकाइयाँ: चिन्हित हानिकारक अपशिष्ट उत्सर्जित करने वाली इकाइयों में एक भी कर्मचारी होने पर ईएसआईसी लागू होगी।
खदान क्षेत्र: खदान संबंधी इकाइयों में 10 या अधिक कर्मचारियों पर ईएसआईसी लागू होगी।
नियोक्ताओं से नए वेतन मानदंड के अनुसार पात्र कर्मचारियों का पंजीकरण व अनुपालन सुनिश्चित करने तथा खदान इकाइयों से शीघ्र पंजीकरण का ईएसआईसी अधिकारियों द्वारा अनुरोध किया गया। यह भी बताया गया कि नई श्रम संहिता 21 नवंबर 2025 से लागू है। साथ ही, 31 दिसंबर 2025 तक ईएसआईसी की स्प्री योजना के तहत पंजीकरण कराने पर पूर्व दायित्वों का दावा नहीं किया जाएगा।
खुली परिचर्चा में प्रतिभागियों ने वेतन की परिभाषा, अन्य देय भत्तों से सम्बन्धित प्रावधान आदि के सम्बन्ध में तकनिकी प्रश्न पूछे जिनका विभाग के अधिकारियों द्वारा समाधान प्रस्तुत किया गया।
उदयपुर शाखा प्रबन्धक श्री हीर सिंह राव ने ई.एस.आई.सी. द्वारा जारी की गई एस.पी.आर.ई.ई. 2025 योजना के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में पी.एफ. विभाग के पी.एस. श्री जी.एल. नागदा ने पावर पाॅईन्ट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से पी.एफ. विभाग द्वारा जारी प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही प्रवर्तन अधिकारी श्री प्रेमचन्द देशान्तरी ने प्रतिभागियों को उक्त योजना का लाभ प्राप्त करने के लिये पी.एफ. विभाग के पोर्टल पर जाकर आॅनलाईन पंजीकरण करवाने की प्रक्रिया के सम्बन्ध में जानकारी दी।
पी.एफ. विभाग के आयुक्त श्री अजय कुमार यादव ने अपने सम्बोधन में सम्भाग के उद्यमियों से योजना के तहत नये रोजगार सृजन के माध्यम से औद्योगिक विकास में भागीदार बनने का आव्हान किया।
खुली परिचर्चा के दौरान ई.एस.आई.सी. विभाग के संयुक्त निदेशक श्री दीपक चौरसिया एवं पी.एफ. विभाग के पी.एस. श्री जी.एल. नागदा ने प्रतिभागियों द्वारा पूछे गये प्रश्नों का समाधान प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में यूसीसीआई के निवर्तमान अध्यक्ष श्री एम.एल. लूणावत ने भी विचार रखे।
कार्यक्रम का संचालन यूसीसीआई के मानद महासचिव श्री आशीष छाबडा ने किया।
कार्यक्रम में विभिन्न औद्योगिक इकाईयों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से आये लगभग 85 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के अन्त में वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री संदीप बापना ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।