उदयपुर। राहडा फाउंडेशन की संस्थापक अर्चना सिंह चारण ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में विद्यार्थियों के लिए केवल शैक्षणिक उपलब्धियां ही नहीं, बल्कि भावनात्मक संतुलन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और मानसिक दृढ़ता भी आवश्यक हैं।श्रीमती चारण अरावली इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल स्टडीज के इंडक्शन प्रोग्राम 2026 के अंतर्गत विद्यार्थियों को मन का महत्व: एक स्वस्थ और लचीला मन बनाना विषय पर संबोधित कर रही थी।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को तनाव, चिंता, भावनात्मक संतुलन तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों को समझने और आवश्यकता पड़ने पर सही समय पर सहायता लेने के प्रति जागरूक करना था।श्रीमती चारण ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए मानसिक स्वास्थ्य को जीवन की सफलता और व्यक्तिगत विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया।

उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य पर बात करना कमजोरी नहीं, बल्कि जागरूकता और आत्मबल की पहचान है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपने मन की बात साझा करने, एक-दूसरे का सहयोग करने और स्वस्थ एवं संवेदनशील समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।सत्र में स्त्री रोग विशेषज्ञ, काउंसलर एवं मेंटल हेल्थ कोच डॉ. सोनल सोलंकी, सोशल एक्टिविस्ट प्रशांत व्यास ने भी विद्यार्थियों के साथ अपने विचार एवं अनुभव साझा किए।

विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को तनाव के संकेतों को पहचानने, अपनी भावनाओं को स्वस्थ तरीके से व्यक्त करने, सकारात्मक जीवनशैली अपनाने तथा मानसिक दबाव की स्थिति में परिवार, मित्रों, शिक्षकों अथवा विशेषज्ञों से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।

राहड़ा फाउंडेशन द्वारा आयोजित एवं सहयोगित ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं के बीच मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, भावनात्मक सशक्तिकरण और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ हेमंत धाबाई, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ गौरव पुरोहित, डॉ रवि गौतम एवं डॉ चंचल राठौड ने भी अपने विचार रखे।