उदयपुर। शहर से सटे राजस्व ग्राम सवीनाखेड़ा में स्थित आराजी संख्या 1545 से 1553, 1536, 1539, 1540 सहित अन्य सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हाल ही उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) द्वारा नियमानुसार हटाया गया। इसमें किसी भी रहवासी का घर नहीं उजाड़ा है। यह भूमि राजस्व अभिलेखों में आज की तिथि तक नगर विकास प्रन्यास के नाम दर्ज है। यह जानकारी सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उदयपु विकास प्राधिकरण के आयुक्त राहुल जैन ने पत्रकारों से साझा की।
श्री जैन ने बताया कि दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्टों एवं प्राधिकरण निरीक्षकों द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण के दौरान पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में अवैध निर्माण होने की पुष्टि हुई। गूगल अर्थ की मदद से 2018 से 2025 के बीच की सैटेलाइट इमेजिंग में भी यह स्पष्ट रूप से दर्शित है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा सरकारी भूमि पर योजनाबद्ध रूप से कोटड़ियाँ, कमरे एवं बाउंड्रीवाल का निर्माण किया गया था। कार्रवाई के दौरान लगभग 52 अवैध संरचनाएँ, जिनमें कोटड़ियाँ, कमरे एवं बाउंड्रीवाल शामिल थीं, हटाकर लगभग 2 लाख वर्गफीट भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। ध्वस्त किये गए निर्माणों में कोई परिवार निवासरत नहीं पाया गया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी 1 मार्च 2023, 7 जून 2024 एवं 7 जनवरी 2025 को इसी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है।
कार्रवाई के दौरान कुछ व्यक्तियों द्वारा प्रस्तुत इकरारनामा दस्तावेजों के परीक्षण से यह तथ्य सामने आया कि इकरारनामे पंजीकृत नहीं थे तथा केवल 500 रुपये के स्टाम्प पर लिखे गए थे। दस्तावेजों में कहीं भी आराजी संख्या का उल्लेख नहीं था। प्लॉट को कब्जेशुदा भूमि बताते हुए बेचने की पुष्टि हुई। अधिकांश लेन-देन नकद में किया गया, जो नियमों के विपरीत है। कई इकरारनामों में स्पष्ट उल्लेख है कि यदि सरकार भूमि वापस लेती है तो विक्रेता उत्तरदायी नहीं होगा एवं राशि वापस नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त बिना स्वामित्व प्रमाण के ग्राम पंचायत सविना द्वारा एनओसी जारी करना एवं उसके आधार पर विद्युत एवं जलदाय विभाग द्वारा कनेक्शन स्वीकृत किया जाना भी संज्ञान में लिया गया है। इस संबंध में संबंधित विभागों को विस्तृत जांच एवं कार्यवाही हेतु पत्र लिखा गया है।
आयुक्त ने की अपील
प्राधिकरण आयुक्त जैन ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि किसी भी भूखंड को खरीदते समय स्वामित्व से संबंधित सभी विधिक दस्तावेजों की जांच अवश्य करें और भूखंड केवल पंजीकृत दस्तावेजों के माध्यम से ही खरीदें, ताकि धोखाधड़ी एवं वित्तीय नुकसान से बचा जा सके।
Udaipur
सवीनाखेड़ा में किसी रहवासी का नहीं उजाड़ा घर, नियमानुसार हटाए अतिक्रमण
आयुक्त ने की आमजन से अपील - जमीन क्रय करने से पूर्व करें स्वामित्व की जांच
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