पीएम श्री स्कूल काया में आज  नशा मुक्ति अभियान में लगे वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर पीसी जैन ने विशेष तौर से तंबाकू एवं शराब से परिवार में होने वाले कुप्रभावों  का सजीव उदाहरण  प्रस्तुत करते हुए  तंबाकू को दीमक की तरह बताया ।मेवाड़ी भाषा में बोलते हुए गुटका, तंबाकू, सुपारी लेने वाले की पहचान सबसे पहले मुंह का खुलना कम होना सबसे करवा कर बताइ। कुंभलगढ़ के पास के स्कूल की बालकों की स्थिति उन्होंने बताया कि बच्चे तंबाकू का सेवन अपने मां-बाप से सीख रहे थे ऐसा उन बच्चों ने बताया। विद्यार्थियों से पूछा कि  क्या शराब पीने वाले परिजनों के साथ रहकर वे सही तरह से पढ़ाई कर सकते हैं? इस पर सभी का  जवाब था कि नहीं। नशा छुड़ाने का घरेलू उपचार भी बताया।
नशा नृत्य - दो छात्राओं ने "मत पियो सा  तंबाकूडी" पर नृत्य कर तंबाकू छोड़ने का संदेश दिया।
एक नवाचार- उपस्थित अभिभावकों जो अपने बच्चों को प्रवेश लेने आए थे उनसे अपील की गई कि जो अपने साथ है बच्चे की सौगंध लेकर नशा छोड़ने हेतु तैयार है मंच पर आकर सबके समक्ष संकल्प लेने और संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर करें। पहले दो बंधु  मंच पर आए और उन्होंने अपने बच्चों की सोगंध लेकर नशा छोड़ने और नशा न करने की प्रतिज्ञा की। इन्हें देखकर तीसरे बंधु भी अपने बच्चे को साथ लेकर मंच पर आए और डॉक्टर पीसी जैन के और प्रधानाध्यापक कृष्ण कांत जी शर्मा  के समक्ष नशा न करने की शपथ ली। यह एक प्रेरणादायक नवाचार है।
सभी छात्र-छात्राओं अध्यापकों और उपस्थित परिजनों को डॉक्टर पीसी जैन ने नशा मुक्ति हेतु शपथ दिलाई।
कार्यक्रम का संचालन अंबिका प्रसाद पारीक ने किया। डॉक्टर पीसी जैन का परिचय कृष्णकांत शर्मा जी ने और आभार  उप प्राचार्य चंद्र शेखर ने दिया। कार्यक्रम में घनश्याम जी खटीक,जयंत चौबीसा,लोकेश जी ईत्यादि उपस्थित थे।कार्यक्रम भारत विकास परिषद सुभाष के संस्कार गतिविधि के अंतर्गत भी आता है।