उदयपुर। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत सात दिवसीय वेस्ट टू वेल्थ (पेपरमैशी) कार्यशाला का शुभारंभ शिल्पग्राम में बुधवार को हुआ।
पश्चिम क्षेत्र सास्कृतिक केंद्र उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि स्वच्छता पखवाड़ा 16 से 30 अप्रेल के अंतर्गत 28 अप्रेल तक सात दिवसीय वेस्ट टू वेल्थ (पेपरमैशी) कार्यशाला शिल्पग्राम परिसर में आयोजित की जा रही है। इस कार्यशाला के विशेषज्ञ कोटा के रामदेव मीणा द्वारा पेपरमेशी की बारीकियां बताई जाएगी। जिसमें कागज को गलाना, मुलतानी मिट्टी आदि से मसाला तैयार करना, तैयार लुगदी से विभिन्न प्रकार की कलाकृतियां बनाना आदि बताया जाएगा। इस कार्यशाला में करीब 20 प्रतिभागी भाग ले रहे है।
डॉ. दलवी ने अपने उद्बोधन में कार्यशाला की प्रस्तावना के साथ उसके मूल उद्देश्य “हेतु” पर विशेष जोर दिया। उनका मानना है कि कोई भी वस्तु बेकार नहीं होती, बल्कि उसे किस प्रकार उपयोगी बनाया जाए, यह हमारी सोच और आदतों पर निर्भर करता है। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि किसी भी वस्तु का उसके अंतिम समय तक उपयोग करना हमारे संस्कारों में शामिल रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य केवल वस्तुओं का उपयोग करना नहीं, बल्कि उन्हें कलात्मक और उपयोगी रूप में पुनः प्रस्तुत करना है। यानी, साधारण वस्तुओं को रचनात्मकता के माध्यम से उपयोगी और सुंदर बनाना ही इस पहल का हेतु है। डॉ. दलवी ने जोर देकर कहा कि उपयोग की यह भावना हमारे संस्कारों में और गहराई तक समाहित होनी चाहिए। अंत में उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रतिभागी यहां सीखी गई विभिन्न कलाओं को आगे भी अपनाएंगे और उनका व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगे, ताकि यह संस्कार समाज में और अधिक विकसित हो सके।
इस अवसर पर केन्द्र के उपनिदेशक (कार्यक्रम) पवन अमरावत, सहायक निदेशक (वित्तीय एवं लेखा) दुर्गेश चांदवानी, अधीक्षण अभियंता सी. एल. सालवी, कार्यक्रम अधिशाषी हेमंत मेहता, राकेश मेहता आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सिद्धांत भटनागर ने किया।