उदयपुर, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती एवं राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी कार्यालय, पटेल सर्कल पर उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
भाजपा शहर जिलाध्यक्ष गजपालसिंह राठौड़ ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवम्बर 1875 को झारखंड के रांची जिले के उलीहातू गाँव में हुआ था। वे एक महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और आदिवासियों के मसीहा थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह का नेतृत्व किया और आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। मात्र 25 वर्ष की आयु में 9 जून 1900 को उनका निधन हो गया। मिशनरी स्कूल में शिक्षा के दौरान जब उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया, तब उन्होंने आदिवासी संस्कृति के शोषण को महसूस करते हुए शिक्षा छोड़ दी और आदिवासियों के भूमि एवं पारंपरिक अधिकारों के लिए ‘उलगुलान’ आंदोलन की शुरुआत की। वर्ष 1899 में यह आंदोलन उग्र हुआ, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और रांची जेल में उनकी मृत्यु हो गई। आदिवासी समाज उन्हें धरती आबा (पृथ्वी के पिता) के रूप में पूजता है। प्रधानमंत्री द्वारा उनके सम्मान में 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया गया है।
जिला महामंत्री देवीलाल सालवी ने बताया कि पुष्पांजलि कार्यक्रम के बाद सभी पदाधिकारी डूंगरपुर के लिए रवाना हुए जहाँ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राज्य स्तरीय जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
भाजपा मीडिया प्रभारी डॉ. सीमा चंपावत ने बताया कि कार्यक्रम में सहकारिता प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक प्रमोद सामर, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, शहर विधायक ताराचंद जैन, पूर्व जिलाध्यक्ष देहात भंवरसिंह पंवार, पूर्व उपमहापौर लोकेश द्विवेदी, जिला महामंत्री देवीलाल सालवी, पंकज बोराणा, जिला उपाध्यक्ष शंभू गमेती, जिला मंत्री अशोक शर्मा, संतोष मीणा (पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष, अनुसूचित जाति मोर्चा), मंडल अध्यक्ष कन्हैया वैष्णव, महेश गोस्वामी, अमृत मेनारिया, मोहन पटेल, मोहन मीणा, सुनील चौधरी, जिला प्रवक्ता दूदाराम पटेल, मंडल महामंत्री गजेंद्र अग्रवाल सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।