ईडी एवं अन्य संवैधानिक संस्थाओ के दुरूपयोग एवं मनरेगा का नाम परिवर्तन कर योजना को कमजोर करने के कुप्रयास के विरोध में उदयपुर देहात एवं शहर जिला कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन।

उदयपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आदेशानुसार एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार आज उदयपुर देहात एवं शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने संयुक्त रूप से मोदी,शाह सरकार द्वारा ईडी व अन्य संवैधानिक संस्थानों के दुरूपयोग एवं मनरेगा का नाम परिवर्तन कर योजना को कमजोर करने के कुप्रयास के विरोध में जिलाधीश कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन कर पुतला दहन किया।

उदयपुर देहात जिला कांग्रेस प्रवक्ता डॉ संजीव राजपुरोहित ने बताया कि पिछले एक दशक से केंद्र की अहंकारी मोदी सरकार द्वारा देश की संवैधानिक संस्थाओ के दुरूपयोग कर कांग्रेस नेतृत्व विशेषकर सोनिया गांधी एवं लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को बदनाम करने की निरन्तर कोशिशों के बावजूद नेशनल हेराल्ड मामले में माननीय न्यायालय द्वारा ईडी की शिकायतों को खारिज करना मोदी सरकार की बदनियती और कुंठा को उजागर करता है, साथ ही मनरेगा जैसी महत्ती योजना का नाम बदल कर उसे कमजोर करने के कुप्रयास के विरोध में एआईसीसी एवं पीसीसी के निर्देशानुसार उदयपुर देहात एवं शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया गया।

विरोध प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उदयपुर देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि मोदी-शाह की सरकार ईडी और अन्य संवैधानिक संस्थानों का दुरुपयोग कर रही है। माननीय न्यायालय की ओर से श्रीमती सोनिया गांधी एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर लगाए गए झूठे मुकदमों को ख़ारिज करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को फटकार लगाई है। जो साफ इशारा करता है कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत ईडी व अन्य संवैधानिक संस्थानों का दुरुपयोग किया जा रहा है। नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट का फैसला सत्ता और एजेंसियों के दुरुपयोग पर सत्य की जीत है। माननीय न्यायालय द्वारा श्रीमती सोनिया गांधी और नेता विपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की शिकायत खारिज किया जाना इस बात का स्पष्ट सबूत है कि इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग जैसा कोई अपराध था ही नहीं। इस निर्णय ने मोदी सरकार की बदनीयती और गैर कानूनी कार्रवाई को बेनकाब कर दिया। आज माननीय न्यायालय ने इस षड्यंत्र पर विराम लगाते हुए साफ कर दिया कि अंततः जीत सत्य और न्याय की होती है।

मीणा ने महात्मा गांधी नरेगा योजना का नाम बदलने को लेकर भी विरोध व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा एवं आरएसएस हमेशा से ही महात्मा गांधी के विरोधी रहे है। मोदी सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर इस बात को प्रमाणित कर दिया कि वे सिर्फ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम उपयोग कर सिर्फ अपनी राजनीति चमकाना चाहते है। मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि करोड़ों गरीबों के लिए रोज़गार का कानूनी अधिकार है। महात्मा गांधी जी के नाम से जुड़ी इस योजना को कमजोर करना, उसका नाम मिटाने की कोशिश करना गरीबों के अधिकार और बापू के विचारों पर प्रहार है। मोदी सरकार मनरेगा को पूरी तरह अपने नियंत्रण में लेकर गरीब की रोजी रोटी खत्म करना चाहती हैं। जिसमें बजट नियम सब केंद्र तय करेगा, राज्य 40% तक बोझ उठाएंगे और मजदूर काम से वंचित होंगे। कुल मिलकर मोदी सरकार मनरेगा को खत्म करने का कुप्रयास कर रही है।

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उदयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने कहा कि माननीय न्यायालय के फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मोदी सरकार द्वारा कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर श्रीमती सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध यंग इंडियन मामले में की गई ईडी की कार्रवाई पूरी तरह अवैध, दुर्भावनापूर्ण और राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित थी। अदालत ने साफ शब्दों में कहा है कि ईडी का यह मामला न तो उसके क्षेत्राधिकार में आता है और न ही इसके लिए कोई वैध एफआईआर मौजूद है। ऐसे में यह कार्रवाई कानून के नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण थी। पिछले एक दशक से मोदी सरकार जिस तरह देश के सबसे बड़े विपक्षी दल और गांधी परिवार को बदले की राजनीति का शिकार बना रही थी, वह आज देश के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। कांग्रेस पार्टी और हमारा नेतृत्व सत्य, संविधान और हर भारतीय के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहा है और करता रहेगा। हमें न धमकाया जा सकता है, न डराया जा सकता है, क्योंकि हमारी ताकत सत्य है और हमारी आस्था लोकतंत्र में है।

राठौड़ ने मनरेगा का नाम बदलने को लेकर कहा कि मोदी सरकार की नियत में खोट है वो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के नाम को भी मिटाना चाहती है लेकिन कांग्रेस पार्टी और देश का लोकतंत्र ऐसा कभी नहीं होने देगा।

विरोध प्रदर्शन के बाद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर पुतला दहन भी किया।

विरोध प्रदर्शन में उदयपुर देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा, उदयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़, लोकसभा प्रत्याशी ताराचंद मीणा, पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत, पूर्व मंत्री डॉ मांगी लाल गरासिया, पीसीसी उपाध्यक्ष सुरेश श्रीमाली, पूर्व मंत्री एवं प्रदेश इंटक अध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली, पीसीसी महासचिव लाल सिंह झाला, गोपाल शर्मा, पंकज शर्मा, सुरेश सुथार, पीसीसी सचिव दिनेश श्रीमाली, भीम सिंह चुंडावत, अरुण टांक, पूर्व उप जिला प्रमुख लक्ष्मी नारायण पंड्या, डॉ कौशल नागदा, दिनेश दवे, दलपत सिंह चुंडावत, मोहम्मद अय्यूब, ब्लॉक अध्यक्ष अजय सिंह, गुलाब सिंह राव, खेमराज मीणा, रूप लाल मीणा, राम सिंह चदाणा, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर बंसी लाल मीणा, देहात प्रवक्ता डॉ संजीव राजपुरोहित, शहर प्रवक्ता पंकज पालीवाल, रियाज हुसैन, जय प्रकाश निमावत, पूर्व सरपंच रूप लाल सालवी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिका भानुप्रताप, महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव हितांशी शर्मा, शांता प्रिंस, नजमा मेवाफरोश, झाड़ोल प्रधान राधा देवी परमार, पीसीसी सदस्य राम लाल गायरी, नवल सिंह चुंडावत, राव कल्याण सिंह, जय प्रकाश वानावत, युवा कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह केलावत, जितेश खटीक, सेवादल के दया लाल चौधरी, पूर्व पार्षद गौरव प्रताप सिंह, जिला परिषद सदस्य नारायण लाल मीणा, शंकर लाल मीणा, सौरभ शर्मा, ओबीसी अध्यक्ष कमलेश पटेल सहित कई पदाधिकारी एवम कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। विरोध प्रदर्शन में हुए कार्यक्रम का संचालन डॉ संजीव राजपुरोहित ने किया एवं धन्यवाद पंकज पालीवाल ने दिया।