उदयपुर,महिला समाज सोसाइटी द्वारा बड़गांव स्थित विद्या भारती स्कूल में विद्यार्थियों के लिए नैतिक साहस बढ़ाने और आत्महत्या जैसे घातक विचारों से दूर रहने पर विशेष मोटिवेशनल सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्था की अध्यक्ष माया कुम्भट ने बच्चों को जीवन के महत्व पर प्रभावी संदेश दिए।

माया कुम्भट ने कहा कि जीवन ईश्वर का दिया एक अनमोल अवसर है और जब तक इसका संपूर्ण उपयोग न हो जाए, तब तक हार मानना किसी भी स्थिति में उचित नहीं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि घास की रोटी खाकर भी महाराणा प्रताप जंगलों में संघर्षरत रहे और स्वराज की कामना को पूरा किया। यदि वे विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष कर सकते हैं, तो आज के बच्चे, जिनके पास परिवार, मित्र, शिक्षक और कई संसाधन हैं, वे क्यों नहीं कर सकते।

उन्होंने कहा कि जीवन में परेशानी, परीक्षा में पास–फेल, प्रेम में धोखा—ये सब इंसानी अनुभव हैं, लेकिन किसी भी कारण से जीवन समाप्त करने का विचार नहीं आना चाहिए। जीवन को उपयोगी बनाना ही हमारा उद्देश्य होना चाहिए, ताकि समाज, धर्म, देश और परिवार के लिए हम सकारात्मक योगदान दे सकें। जो काम मन को छूता है, उस अवसर को पूरी निष्ठा से अपनाना चाहिए।

माया कुम्भट ने ऋषि रमन की प्रेरक कहानी के माध्यम से भी बच्चों को समझाया कि हर परिस्थिति का समाधान धैर्य, साहस और सही सलाह से संभव है। अंत में सभी विद्यार्थियों से यह संकल्प करवाया गया कि किसी भी स्थिति में आत्महत्या का विचार नहीं करेंगे और समस्याओं का समाधान संवाद, मार्गदर्शन और प्रयासों से ही खोजेंगे।

कार्यक्रम में यशवंत भंसाली ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर बबिता जैन और चन्द्रकला कोठारी सहित विद्यालय स्टाफ के सदस्य उपस्थित रहे