उदयपुर। वर्षा जल संचय को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रारंभ किए गए जल शक्ति अभियान- कैच द रैन के केंद्रीय नोडल अधिकारी राघवेंद्रसिंह सोमवार को उदयपुर पहुंचे। उन्होंने जिला परिषद सभागार में समीक्षा बैठक ली। वहीं दोपहर बाद फील्ड विजिट कर जल संचय से जुड़े कार्यों का निरीक्षण किया।

जल शक्ति अभियान के केंद्रीय नोडल अधिकारी राघवेंद्र सिंह और तकनीकी अधिकारी राम टीके नितिन ने सोमवार सुबह जिला परिषद सभागार में बैठक ली। सीईओ जिला परिषद रिया डाबी की उपस्थिति में आयोजित बैठक में उन्होंने कैच द रैन अभियान के तहत हुए कार्यों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जलग्रहण विभाग के अधीक्षण अभियंता अतुल जैन ने पीपीटी के माध्यम से जिले में चल रहे विभिन्न अभियानों जैसे जल शक्ति अभियान, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान और जल संचय जन भागीदारी अभियान की ब्लॉक-वार प्रगति से अवगत कराया। केंद्रीय अधिकारियों ने जल संरक्षण के क्षेत्र में उदयपुर के प्रयासों की सराहना की। हाल ही में उदयपुर जिले को जल संचय जन भागीदारी 1.0 के तहत बेहतरीन काम के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत भी किया गया था।

बैठक में उप वन संरक्षक मुकेश सैनी ने जल शक्ति अभियान और मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत हुए कार्यों की जानकारी दी। भूजल वैज्ञानिक मोनिका राठौड़ ने भी कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के तहत हुए कार्यों की जानकारी पीपीटी के माध्यम से दी। इस अभियान में जल संरक्षण और वृक्षारोपण के लिए लोगों की भागीदारी पर जोर दिया गया है। केंद्रीय नोडल अधिकारी राघवेंद्रसिंह ने कहा कि जल संरक्षण के लिए जनभागीदारी और जन-जागरूकता बहुत जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अभियान को जन आंदोलन बनाएं और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ें। बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

दोपहर बाद केंद्रीय नोडल अधिकारी श्री सिंह ने जिले के ऋषभदेव क्षेत्र में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों का निरीक्षण किया।